दूसरों का दिल कैसे जीते । how to win friends and influence people in hindi

दूसरों का दिल कैसे जीते । how to win friends and influence people in hindi

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । सामर्थ्यवान से सामर्थ्यवान व्यक्ति भी सभी काम अकेले नही कर सकता । हमें एक दूसरे का सहयोग लेना ही पड़ता है और यह सहयोग हमें तभी प्राप्त होता है जबकि अन्य लोगों के साथ आपके संबंध अच्छे हो। यदि आप चाहते हैं कि आपका व्यवसाय फूले फले तथा प्रगतिशील हो तो अपने चारों ओर के व्यक्तियों के साथ मधुर संबंध बनाए । जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए आवश्यक है कि आप पारस्परिक संबंधों में प्रगाढ़ता लाएं । तो आज हम जानेगे कि हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल इन हिंदी how to win friends and influence people in hindi

मानवीय संबंध दर्पण के प्रतिबिंब की भांति होते हैं । दर्पण में आपका चेहरा वैसा ही दिखाई देगा जैसा चेहरा आप बनाएंगे । सामाजिक संबंधों में भी यही होता है। दूसरे लोगों से आपको वैसा ही व्यवहार प्राप्त होगा जैसा व्यवहार आप उनके साथ करेंगे।

आप अपने परिवार को ही लीजिए, अपने परिवार के सदस्यों के साथ यदि आप स्नेहपूर्ण एवं सम्मानजनक व्यवहार करेंगे तो निश्चय ही आपको भी उनसे स्नेह एवं सम्मान ही मिलेगा। तो आज हम ये समझने की कोशिश करेगे कि हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल इन हिंदी how to win friends and influence people in hindi

अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन एक बार अपने घोड़े पर सवार होकर सुबह के शहर के लिए जा रहे थे । उस समय वे राष्ट्रपति नहीं बल्कि सेना के जनरल थे। कुछ दूर चलने पर आगे जाकर उन्होंने देखा कि कुछ सैनिक लकड़ी के एक बड़े से लट्ठे को नदी के किनारे से खिसकाकर ऊपर की तरफ लाने का प्रयास कर रहे थे।

ईमानदारी

एक अधिकारी सा दिखाई देने वाला व्यक्ति बार-बार उन्हें आदेश दे रहा था तथा लट्ठा न उठा सकने के कारण उन्हें डांट भी रहा था। किंतु उनकी कोई सहायता नहीं कर रहा था। जॉर्ज वाशिंगटन वहां खड़े होकर यह तमाशा देखने लगे। उन्होंने महसूस किया कि यदि एक व्यक्ति सैनिकों की सहायता कर दे तो वह आसानी से लठ्ठे को उपर तक ला सकते हैं।

जॉर्ज ने उस अधिकारी से सैनिक की सहायता करने के लिए कहा तो अधिकारी जांच पर बरस पड़ा। वह क्रोधित होकर बोला आप नहीं जानते हैं कि आप किस से बात कर रहे हैं? मैं कोई साधारण सैनिक नहीं बल्कि एक कारपोरल हूं। उसके बात सुनकर जार्ज घोड़े से उतर पड़े और विनम्र स्वर में बोले, क्षमा करें कारपोरल महोदय, मुझे मालूम नहीं था कि आप एक कारपोरल है।

इतना कह कर उन्होंने अपना कोट उतारा और लट्ठा उठाने में सैनिकों की सहायता करने लगे। थोड़ी ही देर में जॉर्ज वाशिंगटन की सहायता से उन्होंने वह लट्ठा ऊपर पहुंचा दिया। अपना कोट पहनते हुए जॉर्ज वाशिंगटन ने उस कारपोरल से कहा मिस्टर कारपोरल यदि आपको भविष्य में एक सिंगल आदमी की भी जरूरत पड़े तो आप अपने जनरल को भेज दीजिएगा वह आपको कभी भी निराश नहीं करेगा।

अब तक कारपोरल समझ चुका था कि सैनिक की सहायता करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका जनरल है। काफी क्षमा याचना करने पर वाशिंगटन ने उसे माफ कर दिया। यही कारण था कि जॉर्ज वाशिंगटन अपने सैनिकों में सर्वाधिक लोकप्रिय जनरल थे। अपने इन्हीं गुणों एवं मानवीय व्यवहार के कारण वे आगे चलकर अमेरिका के राष्ट्रपति बने।

उनके व्यवहार को समझे

आत्मविश्वास, लक्ष्य के प्रति सजगता, दूरदर्शिता, समय का सदुपयोग आदि के साथ-साथ यदि आपके व्यवहार में सहृदयता जैसे मानवीय गुणों का समावेश होता है तो आप सामान्य व्यक्तियों से कहीं ऊपर उठ जाते हैं। समाज में आप आदर के पात्र बन जाते हैं । और आज हम ये जानने की कोशिश कर रहे है कि हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल इन हिंदी how to win friends and influence people in hindi

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हमेशा ध्यान रखें कि स्वार्थ को अपने व्यवहार से सदैव दूर रखें । व्यवहार में स्वार्थ आते ही लोगों में आपका विश्वास कम होने लगता है जिसका सीधा प्रभाव आपके व्यवसाय पर पड़ता है । अपने हितों का ध्यान रखना स्वार्थ नहीं बल्कि व्यावसायिकता है। किंतु अपने लाभ के लिए दूसरे के हितों का हनन करना स्वार्थ है ।

अपने तथा दूसरों के हितों की रक्षा भी अच्छी व्यवहारिकता का ही एक रूप है । समाज में सभी प्रकार के व्यक्ति होते हैं। कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो आपकी नम्रता एवं व्यवहार कुशलता को आपकी कमजोरी समझकर उसका अनुचित लाभ उठाने का प्रयास कर सकते हैं।

ऐसे लोगों से हमेशा सावधान रहना चाहिए तथा जैसे को तैसा वाला आचरण अपनाना चाहिए। यदि आपको लगता है कि ऐसा कोई व्यक्ति प्रतिकार करने पर आपके व्यवसाय को हानि पहुंचा सकता है तो उससे हमेशा दूर रहने का प्रयास करें । यदि आप उच्च पद पर काम कर रहे हैं तथा आपके अधिनस्थ कुछ कर्मचारी भी आपके साथ हैं तो उनके ऊपर हमेशा अपने पद का रौब ना झाड़े ।

उस इंसान के गुस्से को नजरअंदाज करे

आपके इस प्रकार के व्यवहार से आपके अधिनस्थ कर्मचारी हमेशा कुंठाग्रस्त एवं हताश रहेंगे। इसके विपरीत यदि आप समय-समय पर उनका उत्साहवर्धन करेंगे तथा उनके साथ स्नेहपूर्ण व्यवहार करेंगे तो वह अपने आपको महत्वपूर्ण समझेंगे तथा दोगुने उत्साह एवं जोश के साथ कार्य करेंगे, जिससे आपकी उत्पादकता में निरंतर वृद्धि होगी।

इसके विपरीत यदि आप अपने आपको बड़ा साबित करने के प्रयास में उनके साथ कटु व्यवहार करेंगे तो वह आपके विरोधी बन जाएंगे तथा किसी दबाव के कारण यदि आपके सामने नहीं तो पीछे अवश्य आपको हानि पहुंचाने का प्रयास करेंगे। तो यह भी एक तरीका है हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल इन हिंदी how to win friends and influence people in hindi करने का ।

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किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी वेशभूषा से कदापि ना करें। बड़प्पन व्यक्ति के स्वभाव में होता है उसके वस्त्रों में नहीं । व्यवसायिक दृष्टि से भी देखा जाए तो किसी व्यक्ति के पहनावे तथा उसकी शारीरिक बनावट के आधार पर उसका मूल्यांकन कभी नहीं करना चाहिए । ईश्वर चंद्र विद्यासागर के जीवन की एक घटना हमें यह दर्शाती है कि महान व्यक्ति कभी अपनी महानता की नुमाइश नहीं करते। वह प्रत्येक स्थिति में सामान्य बर्ताव करते हैं ।

शाम का समय था सूरज ढलने जा रहा था। एक छोटे से स्टेशन के प्लेटफार्म पर यात्री गाड़ी आकर रुकी। उस स्टेशन पर केवल एक ही यात्री उतरा। छोटा स्टेशन होने के कारण वहां कोई कुली नहीं था। उस व्यक्ति ने दो तीन बार पुकारा कुली, कुली किंतु ना कोई आवाज आई और ना कोई आदमी। थोड़ी दूर पर स्टेशन मास्टर अपना केबिन बंद करते हुए दिखाई दिए ।

उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताए

जब उस व्यक्ति ने उनसे पूछा कि क्या यहां कुली मिल सकता है ? जी नहीं ,यह छोटी सी जगह है यहां कुली नहीं मिलते। यह कहते हुए स्टेशन मास्टर भी वहां से चले गए क्योंकि उस स्टेशन पर आने वाली वह आखिरी गाड़ी थी। वह व्यक्ति मन ही मन कुछ बडबडाने लगा। इतने में साधारण वेशभूषा में हल्की सी साल लपेटे हुए एक व्यक्ति उधर से गुजरा ।

उसने उस व्यक्ति को कुली, कुली पुकारते हुए सुन लिया था । उसने बड़ी विनम्रता से कहा, साहब यहां कुली कहां मिलेगा। लाइए मैं आपका सामान पहुंचा देता हूं। यात्री ने उस व्यक्ति को देखा और बोला ठीक है तुम मेरा सामान ईश्वर चंद्र जी के घर तक पहुंचा दो जो पैसे बताओगे दे दूगां । उस व्यक्ति ने समान उठा लिया तथा उस यात्री के साथ आगे आगे चल पड़ा । दोस्तों आप इस स्टोरी को अच्छे से पढ़े और समझे तभी आप हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल इन हिंदी how to win friends and influence people in hindi का मतलब समझ पायेगे ।

रास्ते में उस यात्री ने बताया कि वह बड़ी दूर से ईश्वर चंद्र विद्यासागर से मिलने आया है। ईश्वर चंद्र जी के घर पहुंच कर उसने सामान बरामदे में रख दिया और स्वय यह कहकर अंदर चला गया कि मैं ईश्वर चंद जी को बुलाता हूं। थोड़ी देर बाद आगंतुक को अंदर से बुलाया गया तो उसने देखा कि वही व्यक्ति सामने कुर्सी पर बैठा हुआ है।

उसकी पसंदीदा चीज करे

आगंतुक यात्री ने कहा कि मुझे ईश्वर चंद्र विद्यासागर से मिलना है । सामने कुर्सी पर बैठे व्यक्ति ने मुस्कुराते हुए कहा मैं ही ईश्वर चंद्र विद्यासागर हूं बताइए मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूं ? आगंतुक युवक अपने आप को बहुत लज्जित महसूस कर रहा था । उसने अपने व्यवहार के लिए ईश्वर चंद्र जी से क्षमा मांगी । ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने उसे समझाया कि अपना काम करने में हमें कभी संकोच नहीं करना चाहिए। ऐसे थे हमारे महान पुरुष जो अपने छोटे छोटे कार्यों से लोगों के सामने कर्मठता के उदाहरण प्रस्तुत करते थे ।आज भी ऐसे व्यक्ति की कमी नहीं है ।अतः कभी किसी को छोटा मत समझो तथा सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करो।

हमारे चारों तरफ कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो हमेशा दूसरों की बुराइयां ढूंढते रहते हैं तथा उन्हें नीचा दिखाने का प्रयास करते रहते हैं । वह उन लोगों की श्रेणी में आते हैं जिन्हें अपना ज्ञान तथा दूसरों की संपत्ति बहुत अधिक दिखाई देती है।ऐसे लोगों से बहस करने के बजाय उन्हीं के विचार जानने का प्रयास करें तथा संपूर्ण जन समुदाय से उनके विचारों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने का आग्रह करें । तो आशा करता हु आपको समझ आ गया होगा हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल इन हिंदी how to win friends and influence people in hindi

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वस्तुस्थिति स्वत: ही स्पष्ट हो जाएगी। इससे आपके संबंधों में भी मधुरता बनी रहेगी तथा वास्तविकता भी सामने आ जाएगी । अपने संपर्क क्षेत्र में संबंधों को मधुर बनाए रखने के लिए स्वार्थ को दूर रखें। तथा ग्राहकों के हितों को भी उतना ही महत्व दे जितना आप अपने हितों को देते हैं । दूसरे की भावनाओं का सम्मान कीजिए आपको स्वत: ही सम्मान प्राप्त होगा ।

कुछ लोगों का मानना है कि समाज में प्राप्त होने वाले सम्मान का प्रमुख कारण है आप का दबदबा। ऐसे व्यक्ति की सोच है कि यदि समाज में आपका भय है तो लोग सदा ही आपका सम्मान करेंगे । हो सकता है उनकी सोच ठीक हो किंतु जहां तक मेरा मानना है भयाक्रांति व्यक्ति केवल तभी तक आपका सम्मान करता है, जब तक कि वह आपसे भयभीत है ।

आपका भय समाप्त होते ही, आपका सम्मान भी समाप्त हो जाएगा । भय के कारण आपको प्राप्त होने वाला सम्मान परिस्थितियां बदलती तपते हुए तवे पर पड़ने वाली पानी की बूंद की तरह तुरन्त उड़ जाएगा। ऐसे ही एक व्यक्ति का जीवन काल मेरे अनुभव का जीता जागता उदाहरण है।

ठाकुर प्रिंस सिंह जी हां यही नाम था उनका । उस समय में आठवीं कक्षा का विद्यार्थी था। करीब 6 फुट लंबाई के साथ व असाधारण डीलडोल के स्वामी थे । गांव में जिधर से गुजरते गुजर जाते, लोग अपनी चारपाई छोड़कर खड़े हो जाते थे ।किसी एक से कुछ लाने के लिए कहते तो 4 से 6 लोग अपना सेवाभाव दर्शाते हुए उस वस्तु को लाने के लिए भाग खड़े होते थे। हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल इन हिंदी how to win friends and influence people in hindi

लोक व्यवहार

अगर किसी की खेती अच्छी होती तो वह ठाकुर साहब की नजर पड़ते ही ठाकुर साहब की हो जाती थी । पुलिस थाने के सामने ही तहसीलदार तक की तोहीन कर देना उनके लिए मामूली बात थी । दबंग की ऐसी मिसाल मैंने आज तक नहीं देखी। एक रात सारागांव नींद की आगोश में समाया हुआ था । तभी सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की आवाज गूंज उठी।

लगातार तीन गोलियां चलने के बाद फिर सन्नाटा फैल गया । थोड़ी देर बाद गोलियों से सारा वातावरण गूंज उठा । यह आवाजें ठाकुर साहब की कोठी से ही आ रही थी । लेकिन यह तो धूल में लाठी मारने की आवाज़ थी सांप तो निकल चुका था। ठाकुर साहब की जीवन लीला समाप्त हो चुकी थी और इसके साथ ही उनका भय और सम्मान भी।

आज उनकी कोठी खंडहर बन चुकी है । उनका परिवार गांव छोड़ कर पता नहीं कहां चला गया । इस घटना को देखने के बाद मानव स्वभाव का जो पहलू सामने आता है उससे स्पष्ट हो जाता है कि मनुष्य जो बोता है वही काटता है । कभी मत भूलिए कि आप जैसा करेंगे आपको भी वैसा ही मिलेगा । इसलिए आप दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार रखें। आप उनको सम्मान दें। उनके साथ अच्छे से पेश आए। अगर आप उनके साथ अच्छा व्यवहार रखते हैं तो आप निश्चिंत रहें वह भी आपके साथ वैसा ही व्यवहार रखेंगे ।

दोस्तों अगर आप चाहो तो हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल इन हिंदी how to win friends and influence people in hindi नाम कि बुक को पढ़ सकते है । जिसके हेल्प से आपको बहुत कुछ समझने को मिलेगा ।

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तो दोस्तों उम्मीद करता हु ”दूसरों का दिल कैसे जीते । how to win friends and influence people in hindi”आपको ये पोस्ट अच्छा लगा होगा।

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