अच्छा बोलने की कला । the art of public speaking in hindi

अच्छा बोलने की कला । the art of public speaking in hindi

ऐसे बहुत सारे लोग होते हैं जिन्हें दूसरों से बात करने में शर्म महसूस होती है। डर महसूस होता है। खास करके अजनबीयोसे । मन में  सोचते रहते हैं कि मैं क्या बात करूं? कहां से शुरू करूं ? कौन से टॉपिक उठाऊं? कैसे लोगों से खुद को कनेक्ट करूं? उनके अंदर कॉन्फिडेंस ही नहीं होता किसी से खुलकर बात करने का ।और उसकी वजह से, उनके ज्यादा दोस्त नहीं होते है ।the art of public speaking in hindi

वो अपनी जिंदगी में ज्यादा लोगों से कनेक्ट नहीं कर पाते है ।लेकिन इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद, आपकी मन के सारी घबराहट, सारा डर, सारी शर्म ,खत्म हो जाएगी। आप जहां भी जाओगे, जो भी बात करोगे, वह आपसे इंप्रेस हो जाएंगे ।आपके लिए तालियां बजाएंगे। आप जितने भी दुनियाभर के स्पीकर्स देखते हो या लीडर्स देखते हो, ये लोग पूरा कॉन्फिडेंस के साथ बात करते हैं।

अच्छा बोलने की कला और कामयाबी

ना इनमें डर होता है ।ना इनमें शर्म होता है। और उसी की वजह से, ये ऑडियंस के साथ कनेक्ट कर जाते हैं ।लेकिन क्या आपको पता है कि ये जो सारे फेमस स्पीकर है , ये भी अपने शुरुआती दिनों में शर्माते थे। डरते थे ।घबराते थे।  डरना, शर्माना, घबराना कोई बुरी बात नहीं है ।लेकिन डर, शर्म और घबराहट के मारे पीछे हट जाना, ये बहुत बुरी बात है।the art of public speaking in hindi

द राइट ब्रदर्स, जिन्होंने हवाई जहाज का निर्माण किया। जब उन्हें पहली बार स्टेज पर बोलने के लिए बुलाया गया, तो वह दोनों घबरा गए । एक हवाई जहाज बनाना उन्हें बहुत आसान लगा। लेकिन स्टेज पर सबके सामने बोलना उन्हें बहुत कठिन लग रहा था ।और इसका कारण क्या था कि उन्हें इस चीज का अभ्यास नहीं था ।इसीलिए आपको भी, कुछ प्रैक्टिस करनी होगी।

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आज मैं आपको कुछ प्रैक्टिकल तरीके बताने वाला हूं। जो रियलिस्टिक हैं ,टेस्टेड है। उनको यूज़ करते ही आपका कॉन्फिडेंस आसमान छुएगा । और बहुत आसान सी टिप्स है ।बस इन बातों को आप ध्यान से समझिए ।

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प्रैक्टिस

प्रैक्टिस अब वो प्रेक्टिस कौन-कौन सी हैं ? आप उन्हें समझिये ।आप जिस भी टॉपिक में इंटरेस्ट रखते हैं ।जो भी आप का शौक है। आप उस पर कम से कम 1 से 3 मिनट तक बोलकर, उसका वीडियो रिकॉर्ड करें। उसके लिए आपको कोई खास कैमरे की जरूरत नहीं है ।आपके पास जो मोबाइल फोन है ,उसमें आप अपना कैमरा ऑन करिए और उसके सामने 1 से 3 मिनट तक कुछ भी ऐसा बोलिए जिसमें आपको इंटरेस्ट हो।

जिसकी आपको नॉलेज हो । और उसे रिकॉर्ड करिए ।जब वह रिकॉर्डिंग कंप्लीट हो जाए तो पहले आप उसका सिर्फ ऑडियो सुनिए।कि  आप की आवाज में क्या क्या कमी है ? और कौन-कौन सी मिस्टेक है। आप कितनी बार रुके । कितनी बार अटके ।उन सारी कमियों को नोटिस करिए। और धीरे-धीरे उन कमियों को ठीक करिए। अब उसी वीडियो को दोबारा प्ले करें। और इस बार आप आवाज के साथ-साथ अपने एक्सप्रेशन को भी देखिए। कि आपके हाव-भाव कैसे बन रहे हैं। आपका चेहरा कैसा दिख रहा है। आपके हाथ कैसे चल रहे हैं ।

बोलने और सुनने की कला

आप टीवी एक्टर और एक्ट्रेस को देखिए। वो अपनी बातों से, अपने शब्दों से ,लोगों को हंसाते भी हैं। रुलाते भी हैं।क्योकि वह जानते हैं कि अपने शब्दों में वह हाव-भाव कैसे प्रकट करना है ।और आप एक्सप्रेशन के अलावा, ये चेक करो कि आपके पॉज कैसे हैं?  अगर कोई इंसान अटक अटक के, रुक रुक के बोलता है तो आपको मजा नहीं आएगा। अगर आप बात करते करते आ ,ऊँ, बहुत ज्यादा करोगे तो उससे आप का लोव कॉन्फिडेंस दिखता है।the art of public speaking in hindi

बोलने में हिचकिचाहट

उससे ये शो होता है कि आपको खुद पर कॉन्फिडेंस नहीं है ।आपको खुद पर विश्वास नहीं है ।आप जब न्यूज़ देखते हैं तब आपने कभी नोटिस किया है कि जो न्यूज़ रूम में बैठकर न्यूज़ सुनाते हैं, उनके बोलने में ,आपको आ,ऊँ कुछ नहीं दिखेगा । लेकिन जो लोग फील्ड रिपोर्टर होते हैं वह अक्सर आपको अटक अटक कर बात करते हुए दिखेंगे। इसीलिए उनकी जगह फील्ड पर होती है। और जो बिल्कुल कॉन्फिडेंटली बोलते हैं उनकी जगह स्टूडियो में होती है ।

दोनों ही रिपोर्ट करते हैं। दोनों ही न्यूज़ देते हैं। लेकिन दोनों के बोलने में जमीन आसमान का अंतर होता है। दोनों की सैलरी में जमीन आसमान का अंतर होता है। और जब आप यही प्रेक्टिस रोज करते रहेंगे खुद का। वीडियो रिकॉर्ड करके अपने आवाज को सही करेंगे अपने एक्सप्रेशन को सही करेंगे। अपनी खामियों को सही करेंगे ।तो सिर्फ थोड़े दिनों के अभ्यास से ही, आपकी बातचीत करने के तरीके में गजब का अंतर आ जाएगा ।

लोगों से बात करनी है।

अब ये बात तो हुई प्रेक्टिस की । अब इसको प्रैक्टिकली कैसे करना है ? उसे समझते हैं। सबसे पहले तो आप अपने घर वालों से बात करना सीखिए। आप उनकी बातों को ध्यान से सुनिए ।और काउंटर क्वेश्चन कीजिए ।आप यह चेक करिए कि आपके घरवाले आपकी बातों में कितना इंटरेस्ट ले रहे हैं। कितना इंटरेस्ट से आपके साथ बात कर रहे हैं।और कितना इंटरेस्ट के साथ आपकी बातें सुन रहे हैं ।the art of public speaking in hindi

अगर उन्हें आपके साथ बात करने में इंटरेस्ट नहीं आ रहा है तो बाहर वालों को कभी नहीं आएगा ।इसलिए आप उनसे पूछिए कि आपने क्या कमियां हैं?  आपको क्या इंप्रूव करना चाहिए? वह लोग भी आपको बहुत अच्छा गाइडेंस देंगे। अब ,जब आप घर में अच्छे से बात करना सीख जाएं। तब आप अजनबीयों से बात करना शुरू करें। हो सकता है शुरू में आपको डर लगे ,आपको शर्म आए ,घबराहट हो लेकिन फिर भी आपको यह करना ही होगा ।

लोगो से अपनी बात कैसे मनवाये

क्योंकि जब तक आप किसी चीज की प्रेक्टिस नहीं करते आप उसमें कभी एक्सपर्ट नहीं हो सकते। वो  चीज आप कभी सीख ही नहीं सकते । एक बार एक इन्सान स्विमिंग सीखने के लिए गया। जैसे ही स्विमिंग पूल में उतरा कि पहले दिन ही  डूबने लगा ।वह इतना डर गया कि उसने स्विमिंग ट्रेनर से कहा कि जब तक मैं स्विमिंग सीख नहीं जाऊंगा तब तक मैं स्विमिंग पूल में कभी नहीं जाऊंगा ।

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अब आप बताओ, बिना स्विमिंग पूल में घुसे वह स्विमिंग कैसे सीख सकता है ? ऐसे ही अगर आप कॉन्फिडेंस होना चाहते हैं तो आपको अजनबीयों से बात करनी ही पड़ेगी। और जरूरी नहीं है कि शुरुआत में ही वह सब लोग आपसे इंप्रेस हो जाए ।आपके साथ कनेक्ट करने लगे। लेकिन जब आप उनसे बात करना शुरू करेंगे तो आपको अपनी कमियों का एहसास होगा ।और आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।the art of public speaking in hindi

लोगों से बात करते टाइम किन-किन बातों का ख्याल रखना है ।

और तीसरी बात जो आपको लोगों से बात करते टाइम ध्यान रखनी है वह कौन-कौन सी बातें हैं ।उन बातों को ध्यान से समझना तभी आप एक सक्सेसफुल और attractive स्पीकर बन सकते हैं ।सबसे पहले तो आप यह ध्यान रखें कि आपकी बॉडी लैंग्वेज कैसी हैं ।जिससे कि आप लोगों की आंखों में आंखें डालकर बात करना सीखिए ।किसी से बात करते वक्त, अगर आप इधर उधर देखते हैं या नीचे की तरफ देखते हैं और ऊपर की तरफ देखते हैं तो वो इंसान आपसे कभी कनेक्ट कर ही नहीं पायेगा ।

मीठा बोलने के फायदे

जब भी किसी से बात करें तो उसकी आंखों में आंखें डाल कर बात करें ।उससे आपका कॉन्फिडेंस दिखता है उससे आपकी पर्सनालिटी दिखती है। क्योंकि जिस इंसान में आंखों में आंखें डालकर बात करने का दम ही नहीं है वो  इंसान किसी का दिल कैसे जीत सकता है ।और दूसरी बात बात करते समय आप अपने हाथों का अच्छे से इस्तेमाल करना सीखें।the art of public speaking in hindi

जो कि  आपको फर्स्ट पार्ट में बताया गया था की रिकॉर्डिंग के टाइम पर, आपको अपनी बॉडी लैंग्वेज पर काम करना है। और और वही प्रेक्टिस जो आपने रिकॉर्डिंग के टाइम पर की थी ,उसे प्रैक्टिकली लोगों के सामने करना है। किसी से बात करते समय, आप किसी दब्बू की तरह खड़े ना हो जाए ।बात करने के साथ-साथ, आप अपने हाथों का अच्छे से इस्तेमाल करते है तो आपका बात करना बहुत अच्छा लगता है ।लोगों के आपको तरफ आकर्षित करता है।

मुस्कुराओ

किसी भी इंसान को एक मुस्कुराता हुआ चेहरा जितना  अच्छा लगता है। आकर्षित करता है ।उतना एक उदास चेहरा कभी नहीं कर सकता ।इसीलिए जब भी आप किसी से बात करें तो आपके चेहरे पर एक हल्की हल्की ,भीनी भीनी मुस्कुराहट होनी चाहिए। इसका मतलब यह नहीं कि आप बेवजह मुस्कुराते रहें या बेवजह हंसते रहें। लेकिन बातचीत करते समय, जब  ऐसे पॉइंट आये ,जब आप  किसी को अपना इंट्रोडक्शन दे रहे हैं ,परिचय दे रहे हैं,या वो इंसान आपको अपना परिचय दे रहा है। उस समय पर, आपके चेहरे पर स्माइल होना बहुत जरूरी है।

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जब आप एक अच्छी स्माइल के साथ,जब आप एक  मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ,किसी इंसान से बात करते हैं तो आपका वो  कॉन्फिडेंस किसी भी इंसान का दिल जी सकता है ।और इसी में एक बात का और ध्यान रखें कि आप बोलते टाइम बहुत ज्यादा एक्साइटेड ना हो। और बिल्कुल भी उदासी से बात ना करें ।the art of public speaking in hindi

इसके बीच का आपको बैलेंस बनाकर रखना है ।जो लोग बात करते टाइम बहुत ज्यादा एक्साइटेड हो जाते हैं ।कहीं ना कहीं वो  बहुत अजीब सा लगता है ।और जो लोग बिल्कुल उदास होकर बात करते हैं। देवदास कि  तरह बात करने लगते हैं ।वो तो लोगो को बोर करने लगते है ।और इन्हीं दोनों बातों के बीच, आपको बैलेंस बिठाना सीखना है। कि आप बहुत ज्यादा उत्तेजित भी ना लगे और उदास भी ना लगे।

लोक व्यवहार हिंदी

आप किसी को ये भी ना दिखाएं कि आप उससे बात करने के लिए मरे जा रहे हैं। और आप उसे ये भी ना दिखाएं कि आप अपनी जिंदगी से ही परेशान हैं ।दोनों ही सूरत में आपका आकर्षण खत्म हो जाएगा। इसीलिए किसी से बात करते वक्त आप ख़ुद को अच्छे से प्रजेंट करें। अगर आप इन तीनों बातों का निरंतर अभ्यास करते हैं तो विश्वास रखें, ऐसा कोई इंसान नहीं होगा जिसका आप अपनी बातों से दिल ना जीत पाए ।

तो आप अपनी बातों में आपको प्रेक्टिस करनी हैं। लोगों से बात करनी है। और लोगों से बात करते टाइम किन-किन बातों का ख्याल रखना है ।आप इन सारी बातों को, अपनी जिंदगी में फॉलो करिए। जो भी इंसान इन सारी बातों का निरंतर अभ्यास करेगा उसकी जिंदगी में उसे हर दिन नए दोस्त मिलेंगे। ज्यादा से ज्यादा लोगों से कनेक्ट कर पाएगा ।अकेलापन ,मायूसी और उदासी, उसकी जिंदगी में बचेगी ही नहीं ।the art of public speaking in hindi

कम बोलने की आदत कैसे डालें

जितना आप लोगों से खुल कर बात करते हैं उतना आप लोगों से कनेक्ट कर पाते हैं ।और जितना आपकी जिंदगी में अच्छे दोस्त हो आप इतना खुश रहते हैं। इसीलिए इन सारी बातों का अभ्यास करके, अपने सारे डर को ,अपने शर्म को, और अपनी घबराहट को, आप हमेशा के लिए खत्म कर दीजिए।

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